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नवी साद (सर्बिया) में शनिवार को हजारों लोग सड़कों पर उतरे। यूनिवर्सिटी छात्रों के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए और राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वूचिच के खिलाफ आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया गया।
प्रदर्शनकारियों ने “चोर-चोर” के नारे लगाते हुए सरकार पर व्यापक भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। छात्रों का कहना है कि नवंबर 2024 में नवी साद के रेलवे स्टेशन पर हुए हादसे, जिसमें 16 लोगों की मौत हुई थी, उसके पीछे भी सरकारी लापरवाही और भ्रष्टाचार जिम्मेदार है। इसी घटना के बाद देशभर में आंदोलन तेज हुआ।
छात्रों ने आरोप लगाया कि राष्ट्रपति वूचिच ने उनकी मांग के बावजूद समय से पहले चुनाव कराने से इनकार कर दिया है। आंदोलन के दौरान सैकड़ों लोगों को हिरासत में लिया गया है, जबकि कई लोगों ने नौकरी जाने या दबाव का सामना करने की बात कही है।
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ट्रंप के बयानों के खिलाफ ग्रीनलैंड में हजारों लोग सड़कों पर उतरे

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ग्रीनलैंड को अपने नियंत्रण में लेने से जुड़े बयानों के खिलाफ शनिवार को हजारों ग्रीनलैंडवासी सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने ‘ग्रीनलैंड बिक्री के लिए नहीं है’ के नारे लगाए और अपनी स्वशासन व्यवस्था के समर्थन में मार्च किया।
बर्फ और बर्फीली सड़कों के बीच प्रदर्शनकारी ग्रीनलैंड की राजधानी नूक के डाउनटाउन से अमेरिकी वाणिज्य दूतावास तक पहुंचे। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय झंडे लहराए और विरोधी पोस्टर थामे रहे। पुलिस के मुताबिक यह अब तक का सबसे बड़ा प्रदर्शन माना जा रहा है, जिसमें नूक की लगभग एक-चौथाई आबादी शामिल हुई।
प्रदर्शन के दौरान ही खबर आई कि राष्ट्रपति ट्रंप ने फरवरी से आठ यूरोपीय देशों से आयात होने वाले सामान पर 10% टैक्स लगाने की घोषणा की है। यह फैसला उन देशों के ग्रीनलैंड पर अमेरिकी नियंत्रण के विरोध से जोड़ा जा रहा है।
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