




कराची5 घंटे पहले
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तस्वीर लापता हुए K2 एयरवेज के कार्गो विमान की है।
पाकिस्तान का एक कार्गो विमान मंगलवार रात कराची पहुंचने से पहले लापता हो गया था। विमान शारजाह से कराची आ रहा था और उसमें 5 क्रू मेंबर सवार थे। पाकिस्तानी खोजी दलों ने बलूचिस्तान के तट के पास अरब सागर में ओर्मारा से 53 समुद्री मील (लगभग 98 किलोमीटर) दूर विमान का मलबा बरामद कर लिया है।
पाकिस्तान एयरपोर्ट्स अथॉरिटी (PAA) के मुताबिक, रात 9:18 बजे पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल को नेविगेशन सिस्टम में खराबी की जानकारी दी था। कंट्रोल रूम ने विमान को गाइड करने की कोशिश की, लेकिन करीब तीन मिनट बाद उसका संपर्क टूट गया। आखिरी बार विमान कराची से 155 नॉटिकल मील (287 किमी) पश्चिम में ट्रैक किया गया।
विमान के लापता होने के बाद अरब सागर में बड़े स्तर पर सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया था। पाकिस्तान नेवी, एयर फोर्स और अन्य एजेंसियां खोज अभियान में जुटी रही।
विमान के गायब होने की लोकेशन…

हादसे की वजह फिलहाल साफ नहीं
PAA ने कहा है कि विमान हादसा होने की वजह का अभी पता नहीं चल सका है। विमान और उसमें सवार 5 क्रू मेंबरों की स्थिति को लेकर भी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।
फ्लाइट रडार 24 के शुरुआती डेटा के मुताबिक, आखिरी समय में विमान ने पहले ऊंचाई खोई, फिर कुछ ऊपर गया और इसके बाद अचानक तेजी से नीचे आया।
एविएशन एक्सपर्ट इमरान असलम ने ARY न्यूज से कहा कि इंजन फेल होने की स्थिति में भी विमान आमतौर पर कुछ दूरी तक ग्लाइड करता है। उनके मुताबिक, विमान का इतनी तेजी से नीचे आना सामान्य नहीं है और इसकी वजह जांच के बाद ही साफ होगी।
2018 में शुरू हुई थी K2 एयरवेज
K2 एयरवेज कराची स्थित निजी कार्गो एयरलाइन है, जिसकी शुरुआत मई 2018 में हुई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हादसे का शिकार हुआ 27 साल पुराना Boeing 737 2024 में एयरलाइन के बेड़े में शामिल किया गया था। यह कंपनी का इकलौता विमान था और इसकी पिछली उड़ान 28 जून को हुई थी।
वहीं, K2 Airways ने कहा है कि वह पाकिस्तान सिविल एविएशन अथॉरिटी और अन्य सरकारी एजेंसियों के साथ जांच और सर्च ऑपरेशन में पूरा सहयोग कर रही है।

नेविगेशन सिस्टम क्या होता है?
नेविगेशन सिस्टम विमान को तय रूट पर उड़ाने में पायलट की मदद करता है। यह विमान की लोकेशन, दिशा, ऊंचाई और उड़ान मार्ग की जानकारी देता है। इसके लिए GPS, इनर्शियल नेविगेशन सिस्टम (INS), रेडियो बीकन और दूसरे सेंसर का इस्तेमाल होता है।
नेविगेशन सिस्टम में खराबी आने पर क्या होता है?
- पायलट सबसे पहले एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को तकनीकी खराबी की सूचना देता है।
- बैकअप नेविगेशन सिस्टम और दूसरे कॉकपिट उपकरणों की मदद से उड़ान जारी रखने की कोशिश की जाती है।
- ATC रडार के जरिए विमान की स्थिति देखकर पायलट को दिशा, ऊंचाई और लैंडिंग के निर्देश देता है।
- अगर सिर्फ नेविगेशन सिस्टम में खराबी हो और बाकी सिस्टम सामान्य हों, तो ज्यादातर मामलों में विमान सुरक्षित उतार लिया जाता है।
- लेकिन अगर इसके साथ कम्युनिकेशन फेल हो जाए, मौसम खराब हो या कोई दूसरी तकनीकी खराबी भी आ जाए, तो स्थिति गंभीर हो सकती है और इमरजेंसी घोषित करनी पड़ सकती है।
2020 में PIA का यात्री विमान क्रैश हुआ था
इससे पहले मई 2020 में पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (PIA) का यात्री विमान कराची में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। हादसे में 97 लोगों की मौत हुई थी। बाद की जांच में पायलट, सह-पायलट और एयर ट्रैफिक कंट्रोल की मानवीय गलती को दुर्घटना का कारण माना गया था।

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