Wednesday , 5 August 2026

In interviews and meetings, words like ‘Ah… Oom…’ reduce self-confidence, filler words


  • Hindi News
  • Career
  • In Interviews And Meetings, Words Like ‘Ah… Oom…’ Reduce Self confidence, Filler Words

न्यूयॉर्क14 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक
पेस यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर हीदर हेस के मुताबिक ऑफिस प्रेजेंटेशन जैसे प्रोफेशनल माहौल में फिलर शब्दों का ज्यादा इस्तेमाल बोलने वाले की विश्वसनीयता कम कर सकता है।    -  सिम्बॉलिक इमेज - Dainik Bhaskar

पेस यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर हीदर हेस के मुताबिक ऑफिस प्रेजेंटेशन जैसे प्रोफेशनल माहौल में फिलर शब्दों का ज्यादा इस्तेमाल बोलने वाले की विश्वसनीयता कम कर सकता है। – सिम्बॉलिक इमेज

बातचीत में अ… ऊं…, जैसे फिलर शब्द अक्सर आदत में आ जाते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, ये शब्द हमेशा अनावश्यक नहीं होते। कई बार ये दिमाग को सोचने का वक्त देते हैं और सामने वाले को संकेत देते हैं कि बात अभी पूरी नहीं हुई है, लेकिन इनका जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल यह महसूस करा सकता है कि बोलने वाला कम तैयार है, जिससे उसकी विश्वसनीयता घटती है। हम इन्हें फिलर कहकर बेकार मान लेते हैं, क्योंकि फिलर शब्द सुनते ही लगता है कि यह गैर-जरूरी चीज है।

फिलर शब्द के इस्तेमाल से बचाव के 4 तरीके

1. खुद को बोलते हुए रिकॉर्ड करें

खुद को सुनना/देखना असहज लग सकता है, लेकिन इससे पता चलता है कि आप कौन से फिलर शब्द, कहां और कितनी बार बोलते हैं। जब तक यह साफ नहीं होगा, आप बस अंदाज से सुधार करते रहेंगे।

2. दोस्त से सीधा फीडबैक लें

किसी करीबी दोस्त से पूछें कि क्या मेरे बोलते समय कोई खास फिलर शब्द बार-बार इस्तेमाल होता है? जवाब उपयोगी है। एक्सपर्ट हेस कहती हैं, जागरुकता ही आदत बदलने का पहला कदम है।

3. बोलने की गति धीमी करें

बहुत तेज बोलना फिलर बढ़ाता है। हेस के मुताबिक, तेज स्पीड में दिमाग और मुंह तालमेल बैठाने में फिलर शब्द निकल जाते हैं। जानबूझकर कम गति से बोलेंगे तो खाली जगह भरने की मजबूरी कम होगी।

4. जोर से बोलकर अभ्यास करें

बोलने की तैयारी सिर्फ सोचकर नहीं, बल्कि बोलकर करनी चाहिए। जब जोर से अभ्यास करते हैं, तो दिमाग उस रास्ते का नक्शा तैयार कर लेता है। इससे अटकने ने की संभावना कम हो जाती है।

ज्यादा इस्तेमाल से व्यक्तित्व पर असर

पेस यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर हीदर हेस के मुताबिक ऑफिस प्रेजेंटेशन जैसी प्रोफेशनल स्थितियों में यह बोलने वाले की विश्वसनीयता कम कर सकता है। उनका कहना है कि ज्यादा फिलर शब्द दर्शकों का ध्यान भी भटकाते हैं। कुछ स्टडीज में नौकरी के इंटरव्यू जैसी स्थितियों में भी इन्हें ‘नकारात्मक’ माना गया है। वहीं वॉइस कोच रोजर लव इन शब्दों के खिलाफ हैं।



Source link
Tiwari Aka

Check Also

UP TGT PGT Recruitment New Syllabus

Hindi NewsCareerUP TGT PGT Recruitment New Syllabus | Negative Marking & Exam Pattern37 मिनट पहलेकॉपी …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *