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28 मिनट पहले

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अमेरिका और इजरायल की सेनाओं ने ईरान के कई शहरों पर लगातार हमले किए हैं। इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई मारे गए हैं। इसके बाद ईरान ने कहा है कि वे इन हमलों का जवाब दे रहे हैं।

इन हमलों के बीच दुनिया के बडे़ लीडर्स और वर्ल्ड मीडिया के लगातार रिएक्शन आ रहे हैं। जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ईरान के लोगों को अपनी किस्मत का फैसला करने का पूरा हक है।

यहां हम आपको आपको एक रिएक्शन्स के बारे में बता रहे हैं…

सबसे पहले दुनिया के बडे़ लीडर्स के रिएक्शन जान देख लेते हैं…

1. अमेरिकी राष्ट्रपति बोले: इतिहास के सबसे क्रूर लोगों में से एक खामेनेई मारा गया डोनाल्ड ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर कहा कि इतिहास के सबसे क्रूर लोगों में से एक, खामेनेई अब मर चुका है। यह न केवल ईरान के लोगों के लिए इंसाफ है, बल्कि उन महान अमेरिकियों और दुनिया के कई देशों के उन लोगों के लिए भी न्याय है, जिन्हें खामेनेई और उसके खून के प्यासे गुंडों ने मारा या अपंग किया था।

वह हमारी इंटेलिजेंस और बेहद एडवांस ट्रैकिंग सिस्टम से बच नहीं सका। इजरायल के साथ मिलकर किए गए इस ऑपरेशन में न तो वह और न ही उसके साथ मारे गए दूसरे नेता कुछ कर पाए। ईरानी लोगों के लिए अपना देश वापस पाने का यह सबसे बड़ा और इकलौता मौका है।

2. ईरान के लोगों को अपनी किस्मत का फैसला करने का पूरा हक जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ईरान के लोगों को अपनी किस्मत का फैसला करने का पूरा हक है। जर्मन सरकार इस समय अमेरिका, इजरायल और इलाके के दूसरे साथियों के साथ लगातार संपर्क में है। सरकार इस क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और साथ ही इजरायल की सुरक्षा को लेकर अपनी बात पर कायम है।

3. रूस ने ईरान पर हमले को गलत बताया ईरान के दोस्त रूस ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है। रूसी राजदूत वासिली नेबेंजिया ने चेतावनी दी कि ईरान पर हुआ यह हमला क्षेत्र में तनाव बढ़ा चुका है और यह सीमाओं के बाहर भी फैल सकता है।

4. फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन ने ईरान से बातचीत का रास्ता चुनने को कहा फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ और ब्रिटेन के पीएम कीर स्टार्मर ने एक साझा बयान में ईरान से बातचीत का रास्ता चुनने को कहा। उन्होंने कहा, “हमने इन हमलों में हिस्सा नहीं लिया है, लेकिन हम अमेरिका और इजरायल के संपर्क में हैं। ईरानी नेतृत्व को बातचीत करनी चाहिए और वहां की जनता को अपना भविष्य तय करने का हक मिलना चाहिए।”

5. ओमान बोला: अमेरिका यह आपकी जंग नहीं है, इसमें और न फंसें ओमान के विदेश मंत्री बद्र अल्बुसैदी ने X पर लिखा “मैं बहुत निराश हूं। चल रही गंभीर और सक्रिय बातचीत को एक बार फिर बिगाड़ दिया गया है। इससे न तो अमेरिका का कोई फायदा होगा और न ही दुनिया में शांति आएगी। मैं उन मासूम लोगों के लिए प्रार्थना करता हूं जिन्हें इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। मैं अमेरिका से अपील करता हूं कि वो इसमें और न फंसे। यह आपकी जंग नहीं है।”

6. सऊदी अरब: ईरान के जवाबी हमलों की निंदा की सऊदी अरब ने बहरीन, यूएई, कतर, जॉर्डन और कुवैत पर ईरान के जवाबी हमलों की निंदा की। उन्होंने इसे “ईरानी आक्रामकता” बताते हुए कहा कि वे अपने पड़ोसी देशों के साथ मजबूती से खड़े हैं और उनकी सुरक्षा के लिए हर संभव मदद को तैयार हैं।

अब जानिए अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध पर मीडिया ने क्या कहा…

1. ब्रिटिश मीडिया BBC- ईरान के लिए यह बहुत बड़ा मोड़

BBC ने इस घटना को कवर करते हुए लिखा कि ईरान पर पिछले 40 साल से राज करने वाले शख्स की मौत की कल रात सरकारी टेलीविजन ने पुष्टि कर दी है। इस इस्लामिक देश के लिए यह बहुत बड़ा मोड़ है।

ईरान के कई शहरों की सड़कों पर उन लोगों ने जश्न मनाया, जो इस शासन के खिलाफ थे। इससे इजरायल और अमेरिका दोनों का हौसला बढ़ेगा, जिन्होंने ईरानियों से इस मौके का फायदा उठाने और सरकार को उखाड़ फेंकने की अपील की है।

कल रात इजरायली सेना ने फिर से बमबारी की। इजरायल का कहना है कि उसने ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल के ठिकानों, लॉन्चिंग साइट्स और एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाया है।

रेड क्रेसेंट के मुताबिक, पूरे ईरान में 200 से ज्यादा लोग मारे गए हैं। वहीं, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) का कहना है कि वे अपने सुप्रीम लीडर की मौत का बदला इतिहास के सबसे विनाशकारी हमले से लेंगे।

2. डॉन: ट्रंप की ईरान को चेतावनी- पलटवार किया तो ईरान पर करेंगे अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई

AFP की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की संसद के स्पीकर ने कहा है कि सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने आगे के रास्ते और “हर तरह के हालात” (सभी परिदृश्यों) से निपटने की तैयारी कर ली है।

सरकारी टीवी पर जारी एक वीडियो में मोहम्मद बगेर गालिबाफ ने कहा, “हमने खुद को इन पलों के लिए तैयार किया है और हर स्थिति पर विचार किया है।” उन्होंने आगे कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने “हमारी रेड लाइन पार कर दी है” और उन्हें “इसके नतीजे भुगतने होंगे।”

इस पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को कहा कि अगर मिडिल ईस्ट के इस देश (ईरान) ने अमेरिकी हमलों का पलटवार किया, तो अमेरिका ईरान पर “ऐसी ताकत से हमला करेगा जो पहले कभी नहीं देखी गई।”

ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा, “ईरान ने अभी कहा है कि वे आज बहुत जोरदार हमला करने वाले हैं, इतना जोरदार जैसा उन पर पहले कभी नहीं हुआ।”

उन्होंने आगे लिखा, “बेहतर होगा कि वे ऐसा न करें, क्योंकि अगर उन्होंने ऐसा किया, तो हम उन पर ऐसी ताकत से हमला करेंगे जो पहले कभी नहीं देखी गई!”

3. अमेरिकी मीडिया NYT: इजरायल व अमेरिका के कट्टर दुश्मन खामेनेई की मौत

BBC ने इस घटना को कवर करते हुए लिखा कि ईरानी सरकार ने रविवार को बताया कि अमेरिका और इजरायल के हमलों में अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई है। खामेनेई दशकों से देश के सुप्रीम लीडर थे और इजरायल व अमेरिका के कट्टर दुश्मन माने जाते थे।

राष्ट्रपति ट्रंप ने कुछ घंटे पहले ही सुप्रीम लीडर की मौत का एलान कर दिया था और ईरान के लोगों से सरकार की कमान अपने हाथ में लेने की अपील की थी। रविवार सुबह ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी ने भी इस मौत की पुष्टि कर दी। इसी के साथ, ईरान पर हमलों के दूसरे दौर के साथ यह जंग अब दूसरे दिन में पहुंच गई है।

ईरान की ओर से रविवार सुबह फारस की खाड़ी (पर्शियन गल्फ) में बने अमेरिकी ठिकानों पर हमले फिर से शुरू होते दिखे। बहरीन के गृह मंत्रालय ने बताया कि वहां आने वाले खतरों को लेकर अलर्ट करने वाले सायरन बजाए गए हैं। बहरीन में ही अमेरिकी नौसेना का 5वां बेड़ा (5th Fleet) तैनात है। फिलहाल, अभी तक किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं मिली है।

4. वाशिंगटन पोस्ट: ईरान के सुप्रीम लीडर की U.S.-इज़रायली हमले में मौत

1989 से ईरान के सुप्रीम लीडर रहे अयातुल्ला अली खामेनेई, अमेरिका और इजरायल के हमले में मारे गए हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को उनकी मौत का एलान किया और कुछ घंटों बाद ईरान के सरकारी टेलीविजन ने भी इसकी पुष्टि कर दी। ईरान सरकार ने देश में 40 दिनों के शोक की घोषणा की है। इजरायल के चार सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक, खामेनेई तेहरान में अपने परिसर (कंपाउंड) पर हुए इजरायली हवाई हमले में मारे गए।

ट्रंप ने पहले कहा था कि इस कार्रवाई का मकसद ईरान की सरकार को उखाड़ फेंकना है। उन्होंने ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट में लिखा कि यह हमला “पूरे हफ्ते या जब तक जरूरी हो तब तक बिना रुके जारी रहेगा, ताकि मिडिल ईस्ट और पूरी दुनिया में शांति का हमारा लक्ष्य पूरा हो सके।” मामले से जुड़े चार लोगों के अनुसार, ट्रंप ने इजरायल और सऊदी अरब की हफ्तों की कोशिशों और दबाव के बाद यह हमला शुरू किया।

5. कतर मीडिया अलजजीरा: US, इजराइल ने ईरान पर हमला किया: खामेनेई की मौत, तेहरान ने हमले शुरू किए

खामेनेई की मौत के बाद ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बदला लेने की कसम खाई है। उन्होंने कहा है कि मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैनिकों वाले 27 ठिकानों और तेल अवीव में इजरायली सैन्य ठिकानों पर हमले शुरू कर दिए गए हैं। कतर और यूएई (UAE) में धमाकों की आवाजें अभी भी सुनाई दे रही हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर आज ईरान ने “बहुत जोरदार हमला” किया, तो उस पर “ऐसी ताकत से पलटवार होगा जो पहले कभी नहीं देखी गई।”

ईरानी सरकार का कहना है कि नए सुप्रीम लीडर के चुने जाने तक राष्ट्रपति मसूद पेजेशक्यान की अगुवाई वाली एक अंतरिम काउंसिल (कौंसिल) देश की कमान संभालेगी। ईरान के सरकारी मीडिया के मुताबिक, 24 प्रांतों में हुए इन हमलों में अब तक कम से कम 201 लोग मारे गए हैं।

ईरान ने बदले की कार्रवाई में इजरायल और मिडिल ईस्ट के कई देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है। इनमें कतर, यूएई, कुवैत, बहरीन, जॉर्डन, सऊदी अरब और इराक शामिल हैं।

दोनों तरफ से हो रहे इन हमलों के बीच क्षेत्र के कई देशों ने अपना एयरस्पेस (हवाई क्षेत्र) बंद कर दिया है।

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Tiwari Aka

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