Wednesday , 13 May 2026

CBSE removed the option of additional subject | CBSE ने बिना नोटिस एडिशनल सब्जेक्ट का ऑप्शन हटाया: 12वीं के प्राइवेट स्टूडेंट मल्टी करियर ऑप्शन नहीं चुन पाएंगे, 1.5 लाख स्टूडेंट्स पर असर


12 घंटे पहले

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2026 में CBSE से 12वीं के एग्जाम्स देने वाले प्राइवेट कैंडिडेट्स के पास अब एडिशनल सब्जेक्ट का ऑप्शन नहीं रहेगा। CBSE का ये फैसला बिना किसी पूर्व नोटिस के आया है। इस कदम से करीब 1.5 लाख प्राइवेट कैंडिडेट्स अब मल्टी करियर ऑप्शन नहीं चुन पाएंगे।

कई स्टूडेंट्स के लिए एडिशनल सब्जेक्ट सिर्फ ऑप्शन नहीं था, बल्कि JEE, NEET और दूसरे हायर एजुकेशनल कोर्सेज में एंट्री के लिए जरूरी एलिजिबिलिटी भी था।

साल 2024 में करीब 1.5 लाख कैंडिडेट्स ने प्राइवेट कैंडिडेट के तौर पर CBSE बोर्ड से 12वीं का एग्जाम दिया था।

CBSE के इस कदम को लेकर स्टूडेंट्स नाराज हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट पर एक यूजर ने लिखा-

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बोर्ड ने इस कदम को लेकर पहले कोई जानकारी नहीं दी। मैं PCB यानी फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी बैकग्राउंड से हूं। मैंने सोचा था कि एडिशनल सब्जेक्ट के तौर पर मैथ्स ले लूंगी, ताकि NEET न निकलने पर इंजीनियरिंग का बैकअप ऑप्शन रहे मेरे पास।

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इसी स्टूडेंट ने आगे लिखा, ‘प्राइवेट कैंडिडेट्स के लिए फॉर्म 13 सितंबर को जारी किया गया और इसमें एडिशनल सब्जेक्ट का ऑप्शन गायब है। रजिस्ट्रेशन फॉर्म में भी एडिशनल सब्जेक्ट की कैटेगरी नहीं है। उसकी जगह इम्प्रूवमेंट और फेलियर्स आदि की कैटेगरीज दी गई हैं।’

11वीं और 12वीं में स्टूडेंट्स 4+2 के फॉर्मूले से सब्जेक्ट्स चुनते हैं

दिल्ली टीचर्स एसोसिएशन के सदस्य हंसराज सुमन ने बताया कि 11वीं और 12वीं में स्टूडेंट्स 4+2 के फॉर्मूले से सब्जेक्ट्स चुनते हैं यानी 4 सब्जेक्ट्स कोर होते हैं और 2 सब्जेक्ट्स ऑप्शनल या एडिशनल होते हैं। कोर सब्जेक्ट्स जैसे फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी और इंग्लिश हो सकते हैं। यह अलग-अलग स्ट्रीम चुनने वालों के लिए अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन इंग्लिश सभी के लिए होता है।

इसके अलावा 2 सब्जेक्ट्स स्टूडेंट्स अपनी मर्जी के अनुसार ले सकते हैं। इससे स्टूडेंट्स के लिए करियर के मल्टीपल ऑप्शन खुलते हैं। साथ ही एडिशनल सब्जेक्ट्स के जरिए उनके पास अपना स्कोर बेहतर करने का ऑप्शन भी होता है।

इसे उदाहरण से समझते हैं। एक स्टूडेंट्स ने आर्ट्स चुनी। इसके अलावा उसने 2 एडिशनल सब्जेक्ट्स के तौर पर फिजिकल एजुकेशन और होम साइंस ले लिया। एग्जाम देने पर कोर सब्जेक्ट्स में उसके मार्क्स अच्छे नहीं आए, लेकिन एडिशनल सब्जेक्ट्स में उसका अच्छा स्कोर रहा। कोर सब्जेक्ट्स में उम्मीद से कम मार्क्स आने पर भी उसे एडिशनल सब्जेक्ट्स के मार्क्स के आधार पर अच्छा कॉलेज मिल गया।

एक अन्य उदाहरण भी समझ लें। एक स्टूडेंट्स ने फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी चुना। इसके साथ इंग्लिश कंपल्सरी है। इसके अलावा स्टूडेंट्स ने एडिशनल सब्जेक्ट्स के तौर पर मैथ्स ले लिया। इसी वजह से वो आगे मेडिकल या इंजीनियरिंग दोनों में से कोई भी फील्ड चुन सकता है।

एक्सपर्ट बोले- बोर्ड का फैसला भेदभावपूर्ण

हंसराज सुमन ने कहा कि प्राइवेट और रेगुलर कैंडिडेट्स में ज्यादा फर्क नहीं है। रेगुलर कैंडिडेट्स CBSE बोर्ड से एफिलिएटेड स्कूल में एडमिशन लेकर पढ़ाई करते हैं और स्कूल के जरिए ही बोर्ड में उनका रजिस्ट्रेशन होता है। वहीं प्राइवेट कैंडिडेट्स किसी स्कूल में एडमिशन नहीं लेते। वो डायरेक्ट बोर्ड की वेबसाइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन कराते हैं और एग्जाम देते हैं।

बोर्ड का यह फैसला फिलहाल केवल प्राइवेट कैंडिडेट्स के लिए है जो भेदभावपूर्ण है। एग्जाम स्टूडेंट्स को परखने का एक जरिया है जो सभी के लिए समान होना चाहिए। प्राइवेट के लिए अलग और रेगुलर के लिए अलग नियम का कोई मतलब नहीं है। इससे स्टूडेंट्स के करियर को लेकर ऑप्शन्स भी कम होंगे।

कई स्टूडेंट्स का पूरा साल बर्बाद

कई स्टूडेंट्स ऐसे हैं जिन्होंने एडिशनल सब्जेक्ट के ऑप्शन के भरोसे साल ड्रॉप किया था, लेकिन बोर्ड के इस ऑप्शन को हटाने के फैसले के बाद सभी परेशान हैं।

रेडिट पर एक यूजर ने लिखा, ‘मैंने NEET के एग्जाम के लिए ड्रॉप लिया था। यह मेरा NEET का दूसरा अटेम्प्ट होगा। मैं अब इसके आगे ड्रॉप नहीं ले सकता इसलिए इस बार मैंने फैसला किया था कि एडिशनल सब्जेक्ट के तौर पर मैथ्स ले लूंगा, ताकि JEE का एग्जाम भी दे सकूं, लेकिन अब वो ऑप्शन ही नहीं है। JEE के लिए मैंने NEET की तैयारी भी छोड़ दी थी। अब क्या करूं, समझ नहीं आ रहा।

किसी काम की नहीं CBSE की हेल्पलाइन

स्टूडेंट्स लगातार CBSE बोर्ड के हेल्पलाइन नंबरों पर फोन कर रहे हैं, लेकिन उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं हो पाया है। कुछ स्टूडेंट्स ने कहा कि हेल्पलाइन से उन्हें इंतजार करने को कहा गया है। वहीं कुछ स्टूडेंट्स ने बताया कि हेल्पलाइन पर लगातार फोन करने के बावजूद उनका फोन नहीं उठाया गया। एक स्टूडेंट्स ने रेडिट पर लिखा कि उसने फोन किया और सामने से जवाब मिला कि इस साल एडिशनल सब्जेक्ट का ऑप्शन वापस नहीं आएगा।

कई स्टूडेंट्स बोर्ड की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना चाहते हैं, लेकिन उनके पास ज्यादा समय नहीं है। 30 सितंबर, 2025 फॉर्म भरने की लास्ट डेट है। हालांकि 11 अक्टूबर तक लेट सबमिशन किए जा सकते हैं।

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Tiwari Aka

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