हरियाणा की गुरुग्राम लोकसभा सीट से अब तक 26 उम्मीदवार नामांकन दाखिल कर चुके हैं। इन्हीं में से एक नाम है कुशेश्वर भगत। वह तीसरी बार लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं। 2 विधानसभा चुनाव भी लड़ चुके हैं। इतना ही नहीं, वह 2 बार राष्ट्रपति के चुनाव के लिए भी अप्लाई कर चुके हैं। वह सिर्फ चुनाव लड़ने के लिए नहीं, बल्कि पाव भाजी के लिए मशहूर हैं।
कुशेश्वर भगत 1996 से गुरुग्राम के सेक्टर 15 में पाव भाजी की रेहड़ी लगाते हैं और लोग उनकी पाव भाजी के दीवाने हैं।
कुशेश्वर भगत ने दावा किया है कि वह इस बार 12 लाख वोटों से जीतकर जनता की सेवा करेगा। गुरुग्राम की जनता अब बदलाव चाहती है। गुरुग्राम लोकसभा में 9 विधानसभा क्षेत्र हैं और 9 विधानसभा क्षेत्रों में 900 समस्याएं हैं, लेकिन उनका समाधान करने वाला कोई नहीं है। 20 साल से राज कर रहे नेता से लोगों का मोह खत्म हो गया है। अब जनता कहीं न कहीं बदलाव चाहती है।

कुशेश्वर गुरुग्राम के सेक्टर 15 में पाव भाजी की रेहड़ी लगाते हैं।
मुंबई में सीखा पाव भाजी बनाना
कुशेश्वर भगत बिहार के रहने वाले हैं। वह बताते हैं कि पाव भाजी बनाना सीखने के लिए वह मुंबई गए थे। इसके बाद गुरुग्राम आकर पाव भाजी बनाने लग गए। इस पाव भाजी की एक खासियत ये भी है कि यह शुद्ध तरीके से बटर में बनाई जाती है। जिसकी वजह से उसकी पाव भाजी का अपना अलग ही स्वाद है।

कुशेश्वर भगत ने कहा कि लोगों की समस्याओं का समाधान करने वाला कोई नहीं है।
लोकसभा चुनाव में 7900 वोट मिले थे
कुशेश्वर भगत का कहना है कि वह वर्ष 2017 व 2022 में राष्ट्रपति चुनाव के लिए नामांकन कर चुके, लेकिन 100 विधायकों के हस्ताक्षर नहीं होने से दोनों बार उनका नामांकन रद्द हो गया। वर्ष 2017 में उनके नामांकन पर 7 विधायकों के हस्ताक्षर हुए, जबकि 2022 में उन्होंने 36 विधायकों के हस्ताक्षर कराकर आवेदन किया था।
वर्ष 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में उन्होंने 7900 वोट हासिल किए थे, जो सबसे अधिक वोट रहे हैं।