
जर्मन सरकार पेंशन सिस्टम में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है। प्रस्ताव के तहत रिटायरमेंट की उम्र 67 से बढ़ाकर 70 साल की जा सकती है। साथ ही 45 साल तक पेंशन फंड में योगदान देने वाले कर्मचारियों को मिलने वाली अर्ली रिटायरमेंट सुविधा भी समाप्त की जा सकती है। जर्मन मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चांसलर फ्रेडरिक मर्ज और श्रम मंत्री बार्बेल बास द्वारा गठित आयोग मंगलवार को अपनी सिफारिशें पेश करेगा। आयोग ने सुझाव दिया है कि रिटायरमेंट की उम्र को जीवन प्रत्याशा से जोड़ा जाए और इसे चरणबद्ध तरीके से 70 साल तक बढ़ाया जाए। आयोग ने ‘पेंशन एट 63’ नाम से लोकप्रिय उस योजना को खत्म करने की भी सिफारिश की है, जिसके तहत 45 साल तक योगदान देने वाले कर्मचारी बिना कटौती के जल्दी रिटायर हो सकते हैं। प्रस्ताव में कर्मचारियों और उनके नियोक्ताओं से अतिरिक्त 2% योगदान लेने की भी बात कही गई है। यह राशि एक नए सरकारी निवेश फंड में जमा होगी। फिलहाल जर्मनी में पेंशन के लिए 18.6% योगदान लिया जाता है। रिपोर्ट्स के अनुसार सरकार संसद के जुलाई अवकाश से पहले इस सुधार पैकेज को मंजूरी दिलाने की कोशिश में है। जर्मनी में तेजी से बढ़ती उम्रदराज आबादी और बड़ी संख्या में लोगों के रिटायर होने से पेंशन व्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… फिलीपींस के स्कूल में गोलीबारी में 3 छात्रों की मौत, हिरासत में 2 संदिग्ध फिलीपींस के एक हाई स्कूल में सोमवार को हुई गोलीबारी में तीन छात्रों की मौत हो गई, जबकि पांच घायल हो गए। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, दो लोगों ने टैकलोबान सिटी के सैन जोस नेशनल हाई स्कूल में गोलीबारी की। पुलिस ने दोनों संदिग्धों को हिरासत में ले लिया है। अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से एक इसी स्कूल का छात्र है। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गोलीबारी की वजह क्या थी और हमलावरों ने इस घटना को क्यों अंजाम दिया। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। स्कूल और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है और शुरुआती पूछताछ के आधार पर घटना के पीछे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। यूरोप में हीटवेव: तापमान 40°C के करीब, फ्रांस में ट्रेनें रद्द; इटली-स्पेन में रेड अलर्ट
यूरोप के कई देश भीषण हीटवेव की चपेट में हैं। इटली, स्पेन, फ्रांस और जर्मनी में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है। हालात को देखते हुए कई शहरों में रेड अलर्ट जारी किया गया है। गर्मी का असर परिवहन, पर्यटन और वन्यजीवों पर भी दिखाई देने लगा है। वैज्ञानिकों का कहना है कि सहारा रेगिस्तान से उत्तर की ओर बढ़ रही गर्म हवा और “अफ्रीकन एंटीसाइक्लोन” नामक उच्च दबाव प्रणाली के कारण पश्चिमी और मध्य यूरोप के ऊपर “हीट डोम” बन गया है। इससे गर्म हवा फंस गई है और तापमान लगातार बढ़ रहा है। इटली में कई दिनों से तापमान 35°C से ऊपर बना हुआ है। इसके चलते बोलोन्या, फ्लोरेंस, मिलान और ट्यूरिन समेत 8 शहरों में रेड अलर्ट जारी किया गया है। स्पेन की मौसम एजेंसी AEMET ने देश के कई हिस्सों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। फ्रांस में भीषण गर्मी का असर रेल नेटवर्क पर पड़ रहा है। राष्ट्रीय रेल ऑपरेटर SNCF के अनुसार अधिक तापमान के कारण बिजली की ओवरहेड लाइनों और रेल पटरियों को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ गया है। एहतियात के तौर पर प्रमुख मार्गों पर सोमवार तक 71 इंटरसिटी ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। जर्मनी में तापमान 38°C तक पहुंच चुका है। मौसम विभाग DWD ने बर्लिन समेत पूर्वी क्षेत्रों में तेज आंधी और भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। ट्रम्प समर्थित एबेलार्डो डी ला एस्प्रिएला बने कोलंबिया के राष्ट्रपति
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के समर्थित उम्मीदवार एबेलार्डो डी ला एस्प्रिएला ने कोलंबिया का राष्ट्रपति चुनाव जीत लिया है। शुरुआती मतगणना के अनुसार उन्होंने वामपंथी उम्मीदवार इवान सेपेदा को करीबी मुकाबले में करीब 2.5 लाख वोटों से हराया। उनकी जीत को देश की राजनीति में दक्षिणपंथी और राष्ट्रवादी रुझान की वापसी के रूप में देखा जा रहा है। करीब सभी वोटों की गिनती पूरी होने के बाद डी ला एस्प्रिएला को 49.66% वोट मिले, जबकि इवान सेपेदा को 48.70% वोट प्राप्त हुए। चुनाव परिणाम के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने उन्हें फोन कर बधाई दी। समर्थकों के बीच “द टाइगर” के नाम से लोकप्रिय डी ला एस्प्रिएला ने चुनाव अभियान में अपराध नियंत्रण, आर्थिक सुधार और ऊर्जा क्षेत्र को मजबूत बनाने को प्रमुख मुद्दा बनाया था। चुनाव के दौरान अपराध और सुरक्षा सबसे बड़े मुद्दों में रहे। डी ला एस्प्रिएला ने मौजूदा राष्ट्रपति गुस्तावो पेत्रो की सरकार को देश की आर्थिक चुनौतियों और बिगड़ती सुरक्षा स्थिति के लिए जिम्मेदार ठहराया। आर्थिक मोर्चे पर उन्होंने तेल अन्वेषण दोबारा शुरू करने, फ्रैकिंग की अनुमति देने और कच्चे तेल का उत्पादन बढ़ाकर 13 लाख बैरल प्रतिदिन करने की योजना पेश की है। इसके अलावा टैक्स में कटौती, करदाताओं का दायरा बढ़ाने और सरकारी तंत्र का आकार 40% तक घटाने की भी घोषणा की है। हालांकि राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बेहद कम अंतर से मिली जीत और विभाजित संसद के कारण उन्हें अपने कुछ प्रस्तावों पर समझौता करना पड़ सकता है। नई सरकार को सार्वजनिक कर्ज की बड़ी चुनौती का भी सामना करना होगा। एबेलार्डो डी ला एस्प्रिएला पेशे से वकील हैं और राजनीति में उनका यह पहला बड़ा कदम है। वकालत के अलावा डी ला एस्प्रिएला शराब, कपड़ा और रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े कारोबार भी संचालित करते हैं। भारत के Apache हेलिकॉप्टर और M777 तोपों के लिए अमेरिकी सपोर्ट पैकेज
अमेरिका ने भारत के Apache अटैक हेलिकॉप्टरों और M777A2 अल्ट्रा-लाइट होवित्जर तोपों के लिए 482.2 मिलियन डॉलर (करीब 4,000 करोड़ रुपए) के सपोर्ट और मेंटेनेंस पैकेज की बिक्री को लेकर औपचारिक अधिसूचना जारी की है। अमेरिकी रक्षा सुरक्षा सहयोग एजेंसी (DSCA) ने 17 जून को फेडरल रजिस्टर में इस प्रस्तावित बिक्री की सूचना प्रकाशित की। भारत ने अमेरिका से खरीदी गई अपनी M777A2 अल्ट्रा-लाइट होवित्जर तोपों के लिए दीर्घकालिक रखरखाव और तकनीकी सहायता का अनुरोध किया है। ये तोपें विशेष रूप से पहाड़ी इलाकों में भारतीय सेना की मारक क्षमता बढ़ाने के लिए शामिल की गई थीं। M777 सहायता पैकेज में स्पेयर पार्ट्स, मरम्मत एवं वापसी सेवाएं, प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता, फील्ड सर्विस प्रतिनिधि, डिपो क्षमता विकास और अन्य लॉजिस्टिक समर्थन शामिल होंगे। इसकी अनुमानित लागत 230 मिलियन डॉलर है। इसके अलावा भारत ने अपने AH-64E Apache अटैक हेलिकॉप्टर बेड़े के लिए भी व्यापक तकनीकी और लॉजिस्टिक सहायता मांगी है। Apache सहायता पैकेज में इंजीनियरिंग सहायता, तकनीकी डेटा, प्रकाशन, प्रशिक्षण और लॉजिस्टिक समर्थन शामिल होगा। इसकी अनुमानित लागत 198.2 मिलियन डॉलर बताई गई है। Apache कार्यक्रम के लिए बोइंग और लॉकहीड मार्टिन प्रमुख ठेकेदार होंगे, जबकि M777 होवित्जर कार्यक्रम के लिए ब्रिटेन की BAE Systems प्रमुख ठेकेदार की भूमिका निभाएगी। पोलैंड-यूक्रेन में नया विवाद: पूर्व पीएम बोले- सम्मान लौटाया है तो टैंक और लड़ाकू विमान भी वापस करो
पोलैंड और यूक्रेन के बीच ऐतिहासिक मुद्दों को लेकर नया कूटनीतिक विवाद शुरू हो गया है। पोलैंड के पूर्व प्रधानमंत्री लेशेक मिलर ने कहा है कि यदि यूक्रेनी नेता पोलैंड के राज्य सम्मान लौटा रहे हैं, तो उन्हें पोलैंड से मिली सैन्य सहायता भी वापस कर देनी चाहिए। मिलर की यह टिप्पणी उस समय आई है जब यूक्रेन के कई वरिष्ठ अधिकारियों ने राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के समर्थन में पोलैंड के राज्य सम्मान लौटाने की घोषणा की है। इनमें पूर्व राष्ट्रपति लियोनिद कुचमा, विक्टर युशचेंको, पेट्रो पोरोशेंको, विदेश मंत्री आंद्री सिबिहा और खुफिया एजेंसी प्रमुख किरिलो बुदानोव शामिल हैं। विवाद की शुरुआत पोलैंड के राष्ट्रपति कारोल नवरोत्स्की के उस फैसले से हुई, जिसमें उन्होंने जेलेंस्की को दिया गया ‘ऑर्डर ऑफ द व्हाइट ईगल’ सम्मान वापस ले लिया। यह पोलैंड का सर्वोच्च राज्य सम्मान माना जाता है। नवरोत्स्की का कहना है कि जेलेंस्की ने एक यूक्रेनी विशेष अभियान इकाई को ‘हीरोज ऑफ द UPA’ की उपाधि देकर पोलैंड की ऐतिहासिक संवेदनाओं को आहत किया है। UPA यानी यूक्रेनी विद्रोही सेना द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान राष्ट्रवादी संगठन OUN का सशस्त्र विंग थी। पोलैंड का आरोप है कि इस संगठन ने पश्चिमी यूक्रेन क्षेत्र में करीब एक लाख पोलिश नागरिकों की हत्या की थी। वारसॉ इन घटनाओं को नरसंहार के रूप में मान्यता देता है। एक टेलीविजन कार्यक्रम में मिलर ने कहा कि यदि यूक्रेनी अधिकारी प्राप्त सम्मान लौटाने के लिए इतने उत्साहित हैं, तो उन्हें पोलैंड से मिले MiG-29 लड़ाकू विमान, टैंक और अन्य हथियार भी वापस कर देने चाहिए। रूस-यूक्रेन संघर्ष के बाद पोलैंड यूक्रेन का प्रमुख सैन्य समर्थक रहा है। उसने यूक्रेन को MiG-29 लड़ाकू विमान, Mi-24 हेलिकॉप्टर, टैंक, तोपखाना प्रणाली, बख्तरबंद वाहन और बड़ी मात्रा में गोला-बारूद उपलब्ध कराया है। इसके अलावा पोलैंड पश्चिमी सैन्य सहायता की आपूर्ति के लिए भी महत्वपूर्ण मार्ग रहा है। चीन ने 10 अमेरिकी कंपनियों को बैन किया, 46 रक्षा कंपनियों के उत्पादों की खरीद पर रोक
चीन ने अमेरिका के खिलाफ बड़ी जवाबी कार्रवाई करते हुए 10 अमेरिकी कंपनियों पर निर्यात नियंत्रण लगा दिया है। साथ ही 46 अमेरिकी रक्षा और एयरोस्पेस कंपनियों के उत्पादों की सरकारी खरीद पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। बीजिंग ने कहा कि यह कदम अमेरिकी सरकार द्वारा कई चीनी कंपनियों को ब्लैकलिस्ट किए जाने के जवाब में उठाया गया है। चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने सोमवार को जारी बयान में कहा कि यह निर्णय अमेरिकी सरकार द्वारा तथाकथित “चीनी सैन्य उद्यम सूची” में नई कंपनियों को शामिल करने की कार्रवाई के जवाब में लिया गया है। इस महीने अमेरिका ने 80 चीनी कंपनियों और उनकी सहायक इकाइयों को ब्लैकलिस्ट किया था। इस सूची में अलीबाबा, बायडू और इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता BYD जैसी बड़ी कंपनियां भी शामिल हैं। चीन द्वारा जारी नई सूची में अमेरिकी रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्र की कंपनियां Aveox और Oshkosh Defence शामिल हैं। इसके अलावा MP Materials और USA Rare Earth जैसी रेयर अर्थ खनन कंपनियों पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। इसी बीच चीन के वित्त मंत्रालय ने सरकारी खरीद एजेंसियों को लॉकहीड मार्टिन, रेथियॉन, बोइंग डिफेंस, जनरल डायनेमिक्स और एंडुरिल इंडस्ट्रीज समेत 46 अमेरिकी कंपनियों के उत्पाद खरीदने से रोक दिया है। ऑस्ट्रेलिया में 2.7 टन कोकीन बरामद: भूमिगत बंकर से मिली 4,700 करोड़ रुपए की ड्रग्स
ऑस्ट्रेलियाई पुलिस ने देश के इतिहास की सबसे बड़ी कोकीन जब्ती करते हुए 2.7 टन ड्रग्स बरामद की है। पश्चिमी सिडनी के लोंडनडेरी इलाके में एक भूमिगत बंकर प्रणाली से मिली इस खेप की अनुमानित कीमत 816 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (करीब 4,700 करोड़ रुपए) बताई गई है। पुलिस के अनुसार कोकीन तीन शिपिंग कंटेनरों के नकली फर्श के नीचे बने गुप्त कम्पार्टमेंट में छिपाकर रखी गई थी। छापेमारी के दौरान 21 और 25 वर्ष के दो युवकों को गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों का आरोप है कि दोनों पुलिस कार्रवाई के दौरान भागने की कोशिश कर रहे थे। दोषी पाए जाने पर दोनों को उम्रकैद की सजा हो सकती है। पुलिस का कहना है कि कोकीन की यह खेप उत्तर क्वींसलैंड के छोटे से कस्बे मिड्ज पॉइंट के रास्ते ऑस्ट्रेलिया पहुंचाई गई थी। जांच में सामने आया है कि इसके पीछे एक संगठित अंतरराष्ट्रीय अपराध गिरोह का हाथ हो सकता है। जांच एजेंसियों ने सोलोमन द्वीप समूह में एक संदिग्ध “मदर वेसल” को भी हिरासत में लिया है, जिसके इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका है।
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