Thursday , 6 August 2026

फ्रांस में PM मोदी का काफिला रोकने की साजिश नाकाम:पुलिस ने खालिस्तानी अरेस्ट किए; G7 समिट के दौरान घेरने वाले थे



फ्रांस में G7 शिखर सम्मेलन के बीच पुलिस ने प्रतिबंधित संगठन सिख फार जस्टिस (SFJ) से जुड़े खालिस्तान समर्थकों को गिरफ्तार किया गया है। फ्रांस की खुफिया एजेंसी के अनुसार, ये सभी पीएम मोदी के दौरे के दौरान काफिले को रोकने की साजिश रच रहे थे। फ्रांस पुलिस के अधिकारियों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के बीच बैठक के बाद ये खालिस्तानी समर्थक विरोध-प्रदर्शन करने वाले थे। और पीएम मोदी के काफिले को भी घेरने वाले थे। इसके बाद फ्रांसीसी सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत एक्शन लेते हुए सभी को गिरफ्तार कर लिया। पढ़ें क्या है पूरा मामला… भारत-फ्रांस के बीच खुफिया सहयोग की भूमिका जानकारी के अनुसार, पुलिस के इस एक्शन में भारत-फ्रांस के बीच सुरक्षा एवं खुफिया सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका रही। दोनों देशों की एजेंसियों के बीच समन्वय के चलते किसी भी संभावित सुरक्षा खतरे को पहले ही आंक लिया गया। भारत-फ्रांस के मजबूत कूटनीतिक संबंध का उदाहरण हालांकि, फ्रांसीसी अधिकारियों की ओर से गिरफ्तार व्यक्तियों की संख्या और उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को लेकर आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वहीं, इस कार्रवाई को भारत-फ्रांस के मजबूत सुरक्षा और कूटनीतिक सहयोग का उदाहरण माना जा रहा है। G7 सम्मेलन के दौरान कार्रवाई गौरतलब है कि खालिस्तान समर्थक गतिविधियों और SFJ से जुड़े मामलों को लेकर भारत लगातार विभिन्न देशों के साथ सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर जोर देता रहा है। G7 सम्मेलन के दौरान हुई यह कार्रवाई उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। पढ़िए क्या है SFJ… सिख फॉर जस्टिस यानी SFJ सिखों के लिए अलग खालिस्तान की मांग करने वाला एक संगठन है। 2007 में अमेरिका में इसकी स्थापना की गई थी। आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू SFJ के संस्थापकों में से एक है। SFJ अपने अलगाववादी अभियान ‘रेफरेंडम 2020’ के तहत पंजाब को भारतीय से मुक्त कराने की बात करता है। SFJ ने अपने अगस्त 2018 में लंदन डिक्लेरेशन में भारत से अलग होने और पंजाब को एक स्वतंत्र देश के रूप में फिर से स्थापित करने के सवाल पर दुनिया भर में रहने वाले सिख समुदाय के बीच पहला जनमत संग्रह कराने की घोषणा की थी। SFJ ने नवंबर 2020 में जनमत संग्रह के लिए वोटिंग कराने की बात कही थी। पंजाब के साथ-साथ नॉर्थ अमेरिका, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, मलेशिया, फिलीपींस, सिंगापुर, केन्या और मध्य-पूर्वी देशों के प्रमुख शहरों में इसे आयोजित करने की योजना बनाई थी। ‘रेफरेंडम 2020’ नाम से बाकायदा एक वेबसाइट बनाई गई थी। इसमें लिखा था- एक बार जब भारत से आजादी को लेकर पंजाबी लोगों के भीतर आम सहमति बन जाएगी तो हम पंजाब को एक देश के रूप में एस्टैब्लिश करने के लक्ष्य के साथ संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय निकायों से संपर्क करेंगे। G-7 समिट में मोदी 16 महीने बाद ट्रम्प से मिले 15 जून से दो दिवसीय G-7 समिट के लिए मंगलवार दोपहर एवियन पहुंचने पर मोदी का फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने स्वागत किया। G-7 के देशों के राष्ट्राध्याक्षों ने ग्रुप फोटो भी खिंचवाई। पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के बीच फ्रांस के एवियन शहर में G-7 समिट के दौरान मुलाकात हुई। दोनों के बीच करीब 5 मिनट तक बात हुई। मीटिंग में दोनों एक-साथ बैठे नजर आए। यह मुलाकात 16 महीनों के बाद हुई है। प्रधानमंत्री और अमेरिकी राष्ट्रपति G7 आउटरीच सेशन में भी साथ-साथ बैठे नजर आए। दोनों की पिछली मुलाकात फरवरी 2025 में व्हाइट हाउस में हुई थी। इसी बीच मोदी और इटालियन पीएम जॉर्जिया मेलोनी की बातचीत भी हुई। मेलोनी ने मोदी से कहा- दोबारा मिलकर अच्छा लगा, हम इंस्टाग्राम पर सबसे फेमस हैं। मोदी पिछले महीने 5 देशों के दौरे पर गए थे। जहां उन्होंने रोम में पीएम मेलोनी को मेलोडी टॉफी दी थी। जिसका वीडियो वायरल हो गया था। ——————– यह भी पढ़ें- दिलजीत दोसांझ के शो से खालिस्तानी धक्के मारकर निकाले:टोरंटो के कॉन्सर्ट में झंडे लेकर पहुंचे, पुलिस ने भीड़ से खींच-खींचकर पकड़े पंजाबी सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ के 31 मई की रात टोरंटो कॉन्सर्ट में खालिस्तानी झंडे लेकर पहुंच गए। कनाडा के टोरंटो स्थित फेमस रॉजर्स सेंटर स्टेडियम में शो के बीच कुछ दर्शकों ने खालिस्तानी झंडे लहराए और शो को खराब करने की कोशिश की। पूरी खबर पढ़ें…


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Tiwari Aka

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