






प्योंगयांग44 मिनट पहले
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उत्तर कोरिया में तानाशाह किम जोंग की बाद अगला तानाशाह बनने के लेकर उनकी बहन और बेटी में संघर्ष छिड़ सकता है। यह दावा दक्षिण कोरिया की खुफिया एजेंसी ने अपनी एक रिपोर्ट में किया है।
दरअसल किम जोंग पिछले कुछ समय से लगातार अपनी 13 साल की बेटी ‘किम जू ऐ’ के साथ सर्वजनिक कार्यक्रमों में नजर आ रहे हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि वो किम जू-ऐ को अपना उत्तराधिकारी घोषित कर सकते हैं।
इसे लेकर दक्षिण कोरिया के पूर्व राजदूत राह जोंग-यिल ने कहा कि किम जू-ए के लिए रास्ता बिल्कुल आसान नहीं होगा। उनकी सबसे बड़ी चुनौती किम जोंग-उन की छोटी बहन ‘किम यो-जुंग’ होंगी, जो अपने भाई जितनी ही खूंखार मानी जाती हैं।
38 साल की किम यो-जुंग को उत्तर कोरिया में दूसरी सबसे ताकतवर शख्स हैं। पार्टी से लेकर सेना तक उनकी मजबूत पकड़ है। यहां तक कहा जाता है कि वे राष्ट्रपति को छोड़कर पार्टी की 250 सदस्यीय केंद्रीय समिति के किसी भी नेता को मौत की सजा दे सकती हैं।

एक्सपर्ट्स बोले- सत्ता पाने से पीछे नहीं हटेंगी किम यो-जुंग
राह जोंग-यिल का कहना है कि अगर किम यो-जुंग को लगा कि उनके पास शीर्ष नेता बनने का मौका है, तो वे बिल्कुल पीछे नहीं हटेंगी। यानी सत्ता संघर्ष की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
अन्य एक्सपर्ट्स का भी कहना है कि अगर अचानक किम जोंग-उन को कुछ हो जाता है या वे शासन करने की हालत में नहीं रहते, तो किम यो-जुंग तुरंत सत्ता संभालने की कोशिश कर सकती हैं।
किम यो-जुंग को बचपन में ‘स्वीट प्रिंसेस यो-जोंग’ कहा जाता था। 2014 से वह प्रोपेगेंडा एंड एगिटेशन डिपार्टमेंट (PAD) की हेड हैं। इस विभाग का काम उत्तर कोरिया में सरकारी विचारधारा को फैलाना है।
जापानी शेफ केंजी फुजिमोटो, जिन्होंने 13 साल तक किम जोंग-इल के लिए काम किया, उनके मुताबिक वे बचपन से ही मजबूत इरादों वाली थीं। उन्हें ‘प्रिंसेस’ कहकर बुलाया जाता था और भोजन के समय वह पिता (किम जोंग-इल) के बगल में बैठती थीं।
किम यो-जुंग को सत्ता के लिए तैयार किया गया था
किम जोंग उन के पिता किम जोंग-इल ने अपने बच्चों को जिनेवा, बर्न और मॉस्को में पढ़ने भेजा था। 2004 में मां को योंग-हुई की मौत के बाद भी किम यो-जुंग को सत्ता के लिए तैयार किया जाता रहा। 2009 में वह अपने भाइयों के साथ वोनसान एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी में पिता के साथ दिखीं।
2012 में उन्हें पहली बार सार्वजनिक रूप से सफेद घोड़े पर अपनी बुआ किम क्यॉन्ग-हुई के साथ देखा गया। 2019 में वह अपने भाई के साथ माउंट पैकतु पर घुड़सवारी करती नजर आईं।
उन्हें संगठन और मार्गदर्शन विभाग में भी प्रभावशाली भूमिका मिली, जहां से सेना और पार्टी के वरिष्ठ अधिकारियों पर निगरानी रखी जाती है। 2021 में उन्हें स्टेट अफेयर्स कमीशन में शामिल किया गया।
जनवरी 2023 में वह रूस-यूक्रेन युद्ध पर उत्तर कोरिया की मुख्य प्रवक्ता बनीं। उन्होंने अमेरिका को चेतावनी दी कि यूक्रेन को दिए जाने वाले टैंक ‘जला दिए जाएंगे’ और रूस के साथ खड़े रहने की बात कही।

1987 में जन्मीं किम यो-जुंग अपने भाई किम जोंग-उन से उम्र में चार साल छोटी हैं।
भाई किम जोंग की सीक्रेट डायरी कहा जाता है
एक्सपर्ट्स का मानना है कि देश और विदेश में किम की सार्वजनिक छवि बनाने के पीछे उनकी बहन किम यो जोंग का बड़ा हाथ है। उन्हें किम जोंग उन की ‘सीक्रेट डायरी’ भी कहा जाता है।
माना जाता है कि वह अपने भाई को कई अहम मुद्दों पर सलाह देती हैं और उनके कई कामों में उनकी भागीदारी भी रहती है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ किम जोंग उन की 2018 न्यूक्लियर समिट के पीछे भी उनका ही दिमाग बताया जाता है। इसके अलावा, 2018 में प्योंगचांग में हुए शीतकालीन ओलंपिक में किम जोंग की मौजूदगी के पीछे भी वही थीं। किम को उन पर बहुत भरोसा है।

2018 में किम यो जोंग अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प से मिली थीं।
किम की बेटी सत्ता संभालने के लिए अभी छोटी हैं
दूसरी तरफ, किम जोंग-उन की बेटी किम जू-ए की उम्र अभी लगभग 13 साल है। वह किम जोंग-उन और उनकी पत्नी री सोल-जू की इकलौती बेटी हैं, जिन्हें सार्वजनिक तौर पर लोगों के सामने लाया गया है। पिछले कुछ सालों में वह अपने पिता के साथ मिसाइल परीक्षण, सेना की परेड और बड़े सरकारी कार्यक्रमों में नजर आई हैं।
दक्षिण कोरिया की खुफिया एजेंसी का मानना है कि यह सब उनकी तैयारी का हिस्सा हो सकता है। यानी उन्हें धीरे-धीरे आगे की जिम्मेदारियों के लिए तैयार किया जा रहा है। यहां तक कहा गया है कि उन्होंने कुछ बड़े फैसलों पर अपनी राय भी दी है, जो उत्तर कोरिया जैसे बंद देश में बहुत अलग बात मानी जाती है।
हालांकि, कई जानकारों का कहना है कि वह अभी बहुत छोटी हैं। वॉशिंगटन के एक थिंक टैंक की रिपोर्ट के मुताबिक, अगर अचानक सत्ता खाली होती है तो ज्यादा अनुभव वाले नेता, जैसे किम यो-जुंग, आगे आ सकती हैं। ऐसी स्थिति में देश के अंदर हलचल और अस्थिरता भी बढ़ सकती है।

किम जोंग-उन अपनी पत्नी री सोल जू और बेटी के साथ जनरल-ग्रेड अधिकारियों के बैरक का दौरा करते हुए। तस्वीर 2023 की है।
नॉर्थ कोरिया में सत्ता के लिए पहले भी खून खराबा हुआ
उत्तर कोरिया में सत्ता परिवर्तन पहले भी शांत नहीं रहा। जब 2011 में किम जोंग-उन ने अपने पिता किम जोंग इल के बाद गद्दी संभाली थी, तो उन्होंने अपने चाचा जांग सोंग-थाएक को देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार करवाया और बाद में गोली मारने का आदेश दिया था।
2017 में उनके सौतेले भाई किम जोंग-नाम की मलेशिया के कुआलालंपुर एयरपोर्ट पर VX नर्व एजेंट से हत्या कर दी गई थी। माना जाता है कि वे भी कुर्सी के संभावित दावेदार थे।
किम जोंग-उन की उम्र अभी 42 साल है, लेकिन उनकी सेहत को लेकर सवाल उठते रहते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक वे ज्यादा शराब और सिगरेट लेते हैं, उन्हें डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है। 2024 में उनका वजन करीब 140 किलो बताया गया था।
हालांकि कहा जाता है कि उन्होंने कुछ वजन घटाया है, फिर भी दिल की बीमारी का खतरा बना हुआ है। उनके पिता किम जोंग-इल की भी तबीयत खराब रहती थी और 70 साल की उम्र में दिल का दौरा पड़ने से उनकी मौत हुई थी।
नॉर्थ कोरिया कोरोना के बाद दुनिया से और कट गया
कोविड-19 के बाद उत्तर कोरिया और भी ज्यादा दुनिया से कट गया है। सीमाएं लगभग बंद हैं और ज्यादातर विदेशी दूतावास जा चुके हैं। ऐसे में अंदर की सटीक जानकारी मिलना और मुश्किल हो गया है।
अब सबकी नजर उस बड़े राजनीतिक सम्मेलन पर है, जो पांच साल में एक बार होता है। दक्षिण कोरिया की खुफिया एजेंसी देखेगी कि क्या किम जू-ए वहां शामिल होती हैं, उन्हें किस तरह पेश किया जाता है और क्या कोई आधिकारिक पद दिया जाता है। इससे भविष्य के संकेत मिल सकते हैं।
फिलहाल हालात ऐसे हैं कि अगर आज अचानक सत्ता खाली होती है तो सबसे तैयार चेहरा किम यो-जुंग ही मानी जाती हैं। लेकिन अगर किम जोंग-उन लंबी राजनीतिक तैयारी करते हैं, तो उनकी बेटी किम जू-ए भी भविष्य में देश की पहली महिला सर्वोच्च नेता बन सकती हैं। ————
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