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Full bench of SC will hear against Pakistani Army | पाकिस्तानी सेना के खिलाफ SC की फुल बेंच सुनवाई करेगी: ऐसा पहली बार होगा; जजों पर दबाव डालकर फैसले कराने के आरोप


इस्लामाबाद35 मिनट पहले

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पाकिस्तान में सत्ता के साथ न्यायपालिका को कंट्रोल करने में लगे सेना प्रमुख आसिफ मुनीर को झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट की 7 न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने पर बुधवार को सुनवाई की।

इस दौरान चीफ जस्टिस (CJP) काजी फैज ईसा ने कहा, “न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर कोई भी हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” उन्होंने मामले की सुनवाई के लिए फुल बेंच बनाने की बात कही। CJP ने कहा कि अभी कुछ जज लाहौर और कराची में हैं। सुप्रीम कोर्ट में CJP समेत 17 जज हैं।

यह पहली बार है, जब सुप्रीम कोर्ट की फुल बेंच सेना के खिलाफ सुनवाई के लिए तैयार हुई। संविधान पीठ इस्लामाबाद हाई कोर्ट के उन 6 न्यायाधीशों की अर्जी पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें आरोप लगाया है कि सेना न्यायिक मामलों में दखल दे रही है।

तस्वीर सेना प्रमुख आसिफ मुनीर की है। (फाइल)

तस्वीर सेना प्रमुख आसिफ मुनीर की है। (फाइल)

देश पर पकड़ मजबूत करना चाहती है सेना
पाकिस्तान के रक्षा मामलों के एक्सपर्ट का कहना है कि यह पूरा मामला मुनीर की देश पर पकड़ बनाने के मंसूबों से जुड़ा हुआ है। सेना न्यायपालिका पर नियंत्रण चाहती है।

एक सदस्यीय आयोग को खत्म करने के बाद मुनीर इस बात से नाखुश हैं कि सुनवाई 7 सदस्यीय संविधान पीठ करे। जबकि पूर्व PM इमरान अपने समर्थक इन 6 न्यायाधीशों को इस बात के लिए मनाने में सफल रहे कि वह आईएसआई द्वारा कोर्ट के मामलों में दखल दिए जाने की बात देश के सामने लाई जाए।

इस बीच, मौलाना डीजल ने कहा है कि वो 10 अप्रैल के बाद सरकार विरोधी अभियान शुरू करेंगे।

मौलाना फजल उर रहमान पर आरोप थे कि उन्होंने 90 के दशक में सरकार पर दबाव बनाकर डीजल के गैरकानूनी परमिट लिए थे। उस वक्त पाकिस्तान की पेट्रोलियम मिनिस्ट्री के चीफ खुद मौलाना ही थे। इसी वजह से उन्हें डीजल घोटाले से जोड़कर मौलाना डीजल कहा जाता रहा है।

मौलाना फजल उर रहमान पर आरोप थे कि उन्होंने 90 के दशक में सरकार पर दबाव बनाकर डीजल के गैरकानूनी परमिट लिए थे। उस वक्त पाकिस्तान की पेट्रोलियम मिनिस्ट्री के चीफ खुद मौलाना ही थे। इसी वजह से उन्हें डीजल घोटाले से जोड़कर मौलाना डीजल कहा जाता रहा है।

न्यायपालिका में लगातार दखल दे रही सेना, जजों पर दबाव डाल रही

जुलाई 2018: इस्लामाबाद हाई कोर्ट के जज शौकत अजीज सिद्दीकी रावलपिंडी डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के एक कार्यक्रम में पहुंचे। वहां उन्होंने कहा कि आईएसआई कोर्ट की कार्यवाही तय कर रही है। बेंच में कौन जज होंगे और फैसला क्या होगा, ये भी वही तय कर रही है। उन्होंने दबाव डालकर मुझे बेंच से हटा दिया।

मार्च 2023: मोहम्मद साजिद नाम के पूर्व क्रिकेटर ने आरोप लगाया था कि इमरान की टिरियन वाइट नाम की बेटी है। वो ब्रिटेन में रहती है। मगर उन्होंने इसकी जानकारी छिपाई। इसलिए, उन्हें पार्टी से अयोग्य कर दिया जाना चाहिए। सुनवाई तीन जजों की बेंच ने की। बेंच के नेतृत्वकर्ता जज ने माना कि मुकदमा चले। बाकी दोनों जजों की राय खिलाफ थी। जिन जजों ने मुकदमे को खारिज किया, उन्हें आईएसआई ने परेशान किया। दोस्तों और घरवालों को प्रताड़ित किया गया।

मई 2023: हाई कोर्ट के एक जज के साले को आईएसआई ने किडनैप कर लिया था। उससे जबरन बयान रिकॉर्ड करवाया, जो जज के खिलाफ था।

4 और जजों को मिले धमकी वाले खत
इस्लामाबाद हाई कोर्ट के 8 जजों को जहरीले रसायन वाले धमकी भरे पत्र मिलने के बाद अब लाहौर हाई कोर्ट के 4 जजों को भी इसी तरह की धमकी भरे पत्र मिले हैं। इन पत्रों के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं आई है। ये पत्र मिलने के बाद दूसरे कोर्ट की भी जांच की जा रही है।



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Tiwari Aka

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