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ब्रिटेन ने बताया है कि एक रूसी जासूसी जहाज उसके समुद्री इलाके के बिल्कुल पास आ गया है और उसने ब्रिटिश मिलिट्री पायलटों पर लेजर चमकाई है।
ब्रिटेन के रक्षा मंत्री जॉन हीली ने कहा कि यह घटना बहुत खतरनाक है और देश अब नए तरह के खतरों का सामना कर रहा है।
रक्षा मंत्री के मुताबिक यह रूसी जहाज, जिसका नाम ‘यंतर’ है, स्कॉटलैंड के ऊपर वाले हिस्से में ब्रिटेन की समुद्री सीमा के किनारे दिखाई दिया।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह जहाज समुद्र के नीचे लगी ब्रिटेन की महत्वपूर्ण बिजली और कम्युनिकेशन केबल्स की जासूसी करने के लिए बनाया गया है। ब्रिटिश वायुसेना ने एक निगरानी विमान भेजकर जहाज पर नजर रखी।
हीली ने रूस को चेतावनी देते हुए कहा कि ब्रिटेन हर हरकत पर नजर रख रहा है और अगर जहाज दक्षिण की ओर बढ़ा, तो ब्रिटेन तैयार है।
रूस ने इन आरोपों को खारिज किया है। लंदन में रूसी दूतावास ने कहा कि ‘यंतर’ कोई जासूसी जहाज़ नहीं, बल्कि समुद्री रिसर्च जहाज है और वह अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र में काम कर रहा है। रूस ने यह भी कहा कि ब्रिटेन बिना वजह तनाव बढ़ा रहा है।
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यौन अपराधी एपस्टीन से जुड़ी फाइलें 30 दिन में सार्वजनिक होगीं, ट्रम्प ने बिल पर साइन किए

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बुधवार को यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन केस की फाइलें सार्वजनिक करने के बिल पर साइन कर दिए।
ट्रम्प ने यह कदम कई महीनों तक विरोध करने के बाद उठाया है। शुरू में वे इन फाइलों को जारी करने के पक्ष में नहीं थे, लेकिन अपनी ही पार्टी के दबाव के कारण उन्हें मानना पड़ा।
नए कानून के मुताबिक, जस्टिस डिपार्टमेंट को एपस्टीन से जुड़ी सभी सरकारी फाइलें, बातचीत और 2019 में जेल में उसकी मौत की जांच से जुड़े दस्तावेज 30 दिनों के भीतर सार्वजनिक करने होंगे।
कानून यह भी कहता है कि पीड़ितों की पहचान जैसी संवेदनशील बातों को छिपाने की इजाजत है, लेकिन सरकार शर्मिंदगी, राजनीतिक नुकसान या किसी की प्रतिष्ठा बचाने के नाम पर कोई जानकारी नहीं छिपा सकती।
संसद के निचले सदन में यह बिल बड़े बहुमत से पास हुआ। सिर्फ एक सांसद ने इसका विरोध किया। उनका तर्क था कि इससे कुछ निर्दोष लोगों की भी जानकारी बाहर आ सकती है। बाद में सीनेट ने भी बिना किसी आपत्ति के बिल को मंजूरी दे दी।
ट्रम्प और एपस्टीन कभी एक-दूसरे को जानते थे, हालांकि ट्रम्प का कहना है कि उन्हें एपस्टीन की आपराधिक गतिविधियों के बारे में कुछ पता नहीं था। उन्होंने उससे बहुत पहले संबंध खत्म कर लिए थे।
ट्रम्प और जोहरान ममदानी की मुलाकात कल, कई बार एक-दूसरे की आलोचना कर चुके हैं

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और जोहरान ममदानी कल मुलाकत करेंगे। ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि यह मुलाकात 21 नवंबर को होगी। यह ममदानी की अपील पर तय की गई है। ममदानी के दफ्तर ने भी एक दिन पहले बताया था कि वे राष्ट्रपति से मिलने का समय मांग रहे हैं।
न्यूयॉर्क मेयर चुनाव से पहले ट्रम्प ने ममदानी को पागल कम्युनिस्ट कहा था। इलेक्शन रिजल्ट के बाद उन्होंने न्यूयॉर्क के लोगों की आलोचना भी की थी और कहा था कि शहर ने आम समझ छोड़कर कम्युनिज्म चुन लिया।
हालांकि अब ट्रम्प का रुख थोड़ा नरम दिख रहा है। उन्होंने कहा है कि वे न्यूयॉर्क के विकास के लिए ममदानी के साथ मिलकर काम कर सकते हैं और सब कुछ ठीक करने की कोशिश करेंगे।
ममदानी ने भी अपनी जीत के बाद दिए भाषण में ट्रम्प को सीधे संबोधित करते हुए कहा था- डोनाल्ड ट्रम्प, मुझे पता है आप देख रहे हैं… वॉल्यूम बढ़ा लीजिए। अपने भाषण में उन्होंने यह भी कहा कि न्यूयॉर्क हमेशा प्रवासियों का शहर रहा है और अब एक प्रवासी इसे चलाएगा।
ट्रम्प ने ममदानी के भाषण पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यह बहुत गुस्से वाला भाषण था और उन्हें राष्ट्रपति की तरफ थोड़ा नरम रुख रखना चाहिए।
चुनाव से पहले ट्रम्प ने यह चेतावनी भी दी थी कि अगर ममदानी जीत गए, तो वे न्यूयॉर्क की फंडिंग कम कर देंगे। ट्रम्प ने कहा कि ममदानी की शुरुआत अच्छी नहीं है और उन्हें उनके साथ बेहतर व्यवहार करना चाहिए, क्योंकि कई अहम फैसलों की मंजूरी राष्ट्रपति के पास होती है।
मस्क 6 महीने में ट्रम्प कैंप में लौटे:नई पार्टी बनाने का प्लान रद्द, ट्रम्प के साथ डिनर में शामिल हुए, चुनावी फंडिंग भी करेंगे

टेस्ला के CEO इलॉन मस्क फिर से अमेरिकी राजनीति के केंद्र में लौट आए हैं। राष्ट्रपति ट्रम्प से टकराव के करीब 6 महीने बाद वे राजधानी वॉशिंगटन में सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल हुए।
सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के सम्मान में आयोजित ट्रम्प के स्टेट डिनर में इलॉन मस्क भी शामिल हुए। मस्क अपनी नई राजनीतिक पार्टी बनाने का प्लान भी रद्द कर चुके हैं।
मस्क ने यह भी कहा है कि वे 2026 मिडटर्म इलेक्शन में ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवारों का समर्थन करेंगे और फंडिंग देंगे। इसके जरिए उन्होंने संकेत दिया कि वे टकराव नहीं, बल्कि दोस्ती का रास्ता चुन रहे हैं। यहां पढ़ें पूरी खबर…
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