





ढाका6 घंटे पहले
- कॉपी लिंक

बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन (बाएं) और अंतरिम सरकार के पूर्व मुखिया मोहम्मद यूनुस।
बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शाहबुद्दीन ने एक इंटरव्यू में अंतरिम सरकार के पूर्व मुखिया मोहम्मद यूनुस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि अगस्त 2024 में शेख हसीना सरकार गिरने के बाद बनी अंतरिम सरकार ने उन्हें हटाने की कोशिश की थी।
शाहबुद्दीन ने बताया कि 8 अगस्त 2024 को उन्होंने ही यूनुस को पद की शपथ दिलाई थी और यूनुस 16 फरवरी 2026 तक वास्तविक प्रधानमंत्री की तरह काम करते रहे।
उन्होंने कहा कि यूनुस सरकार ने दो बार उनके विदेश दौरे रद्द कर दिए। एक बार कोसोवो जाने से रोका गया और दूसरी बार कतर के अमीर के निमंत्रण पर विदेश मंत्रालय ने यह कहकर पत्र भेज दिया कि राष्ट्रपति व्यस्त हैं।
राष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें चुनाव से कुछ दिन पहले किए गए बांग्लादेश-अमेरिका व्यापार समझौते की जानकारी भी नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि ऐसे किसी भी समझौते की जानकारी राष्ट्रपति को देना संवैधानिक जिम्मेदारी होती है, लेकिन यूनुस ने ऐसा नहीं किया।

राष्ट्रपति मोहम्मद शाहबुद्दीन ने 8 अगस्त 2024 को मोहम्मद यूनुस को अंतरिम सरकार के मुखिया की शपथ दिलाई थी, इससे 3 दिन पहले यानी 5 अगस्त को शेख हसीना का तख्तापलट हुआ था।
शाहबुद्दीन बोले- यूनुस ने संविधान का पालन नहीं किया
शाहबुद्दीन ने आरोप लगाया कि यूनुस ने संविधान के किसी प्रावधान का पालन नहीं किया और अंतरिम सरकार ने ऐसे अध्यादेश पास किए जिनकी जरूरत नहीं थी। यूनुस अपने विदेशी दौरों की जानकारी भी उन्हें नहीं देते थे और 14-15 बार विदेश गए, लेकिन कभी राष्ट्रपति को नहीं बताया।
उन्होंने 22 अक्टूबर 2024 की उस रात का जिक्र किया जब भीड़ ने राष्ट्रपति भवन ‘बंगाभवन’ को घेर लिया था और उन्हें हटाने की मांग की थी। उन्होंने कहा कि वह रात उनके लिए बेहद डरावनी थी।

22 अक्टूबर 2024 को प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेश के राष्ट्रपति भवन को घेर लिया था। उनकी मांग थी कि राष्ट्रपति को हटाया जाए, क्योंकि वे पिछली सरकार के करीबी थे।
PM तारिक रहमान को ईमानदार और सौम्य बताया
शाहबुद्दीन ने कहा कि जब उन्हें हटाने की कोशिश हो रही थी, तब बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के एक सीनियर नेता ने उन्हें समर्थन का भरोसा दिया। उस नेता ने कहा कि वे संवैधानिक व्यवस्था बनाए रखना चाहते हैं और किसी भी असंवैधानिक तरीके से राष्ट्रपति को हटाने के पक्ष में नहीं हैं।
राष्ट्रपति ने मौजूदा प्रधानमंत्री और BNP प्रमुख तारिक रहमान को ईमानदार और सौम्य बताया। उन्होंने कहा कि BNP और उसके सहयोगियों के अलावा सेना की तीनों शाखाओं के प्रमुखों ने भी उनका पूरा समर्थन किया। उनके मुताबिक, सेना प्रमुखों ने कहा कि वे सिक्योरिटी फोर्सेज के प्रमुख हैं और उनकी हार का मतलब पूरी सेना की हार होगी।
इससे पहले दिसंबर 2025 में उन्होंने न्यूज एजेंसी रॉयटर्स से कहा था कि वे अंतरिम सरकार के दौरान खुद को अलग-थलग महसूस कर रहे थे और चुनाव के बाद इस्तीफा देना चाहते थे। शाहबुद्दीन 24 अप्रैल 2023 को बांग्लादेश के राष्ट्रपति बने थे उनका कार्यकाल अप्रैल 2028 तक है।
यूनुस के खिलाफ जांच आयोग बैठा सकती है रहमान सरकार
यह पहली बार नहीं है जब मोहम्मद यूनुस पर इस तरह के आरोप लगे हैं। एक हफ्ते मीडिया रिपोर्ट में बताया गया था कि मोहम्मद यूनुस के सरकार में रहते हुए उनके मंत्रियों की संपत्ति में उछाल आया था। खुद यूनुस की संपत्ति में एक साल में लगभग 11% की बढ़ोतरी हुई थी।
यूनुस की संपत्ति अब कुल साढ़े 12 करोड़ रुपए हो गई है, इसमें लगभग 1 करोड़ 30 लाख रुपए का उछाल आया है। अंतरिम सरकार के टॉप 4 मंत्रियों में सबसे ज्यादा संपत्ति की वृद्धि यूनुस की हुई है।
दूसरे नंबर पर आवास मंत्री अदिलुर रहमान की संपत्ति में 1 करोड़ 23 लाख रुपए की वृद्धि हुई। यूनुस के 21 में से 18 मंत्रियों की संपत्ति बढ़ी। सूत्रों के अनुसार नए पीएम रहमान अंतरिम सरकार के मंत्रियों की संपत्ति में इजाफे की जांच के लिए कमेटी गठित कर सकते हैं।
इस सब के बीच यूनुस अब फिर से पेरिस में बसने की तैयारी में हैं। बता दें कि यूनुस बांग्लादेश के एकमात्र नोबेल अवॉर्ड विजेता हैं। बांग्लादेश में माइक्रो फाइनेंस के सेक्टर में बड़ा नाम यूनुस का शेख हसीना सरकार के दौरान भ्रष्टाचार के मामले दर्ज हुए थे। लेकिन यूनुस ने अपनी सरकार बनने पर केस वापस कर लिए थे। पढ़ें पूरी खबर…
अमेरिका ने बांग्लादेश पर टैरिफ घटाकर 19% किया
बांग्लादेश और अमेरिका ने फरवरी 2026 में एक नया व्यापार समझौता किया है। इसका मकसद है कि दोनों देश एक-दूसरे से ज्यादा सामान खरीदें-बेचें और व्यापार के रिश्ते मजबूत करें। यह सिर्फ टैरिफ कम करने का मामला नहीं है, बल्कि दोनों देश अपने बाजार को एक-दूसरे के लिए थोड़ा और खोलने पर भी राजी हुए हैं।
इस समझौते के तहत अमेरिका ने बांग्लादेश से आने वाले कई सामान पर लगने वाला टैरिफ घटाकर करीब 19% कर दिया है, जो पहले 35% तक था।
इसका सीधा फायदा यह होगा कि बांग्लादेश के कपड़े और दूसरे उत्पाद अमेरिका में पहले से सस्ते बिक सकेंगे। खासकर रेडीमेड गारमेंट इंडस्ट्री को इससे बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है, क्योंकि अमेरिका उसका बड़ा ग्राहक है।
बदले में बांग्लादेश भी अमेरिका से ज्यादा सामान खरीदेगा, जैसे तेल-गैस, अनाज और कुछ सैन्य उपकरण। मतलब साफ है दोनों देशों ने तय किया है कि वे एक-दूसरे के साथ व्यापार बढ़ाएंगे।

——————
यह खबर भी पढ़ें…
तारिक रहमान के पीएम बनते ही बांग्लादेशी सेना में फेरबदल:भारत से रक्षा सलाहकार को वापस बुलाकर प्रमोशन दिया; चीफ ऑफ जनरल स्टाफ भी बदला

बांग्लादेश का प्रधानमंत्री बनने के कुछ दिन बाद ही तारिक रहमान ने सेना में बड़े पैमाने पर फेरबदल किया गया है। रविवार को जारी आदेशों में ऑपरेशनल और इंटेलिजेंस पदों पर नई नियुक्तियां की गईं। भारत में तैनात रक्षा सलाहकार ब्रिगेडियर जनरल एमडी हाफिजुर रहमान को मेजर जनरल पद पर प्रमोट किया गया है। पढ़ें पूरी खबर…
Source link