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संडे प्रोफाइल : मरीन ली पेन:फ्रांस में बढ़ते दक्षिणपंथ की सबसे बड़ी आवाज हैं ली पेन



फ्रांस की प्रमुख विपक्षी पार्टी नेशनल रैली की नेता मरीन ली पेन अदालत के फैसले के बाद फिर राजनीतिक वापसी की उम्मीदों को लेकर चर्चा में हैं। देश में दक्षिणपंथी राजनीति के बढ़ते प्रभाव से उनके समर्थकों में नया उत्साह दिखाई दे रहा है। फ्रांस की प्रमुख विपक्षी पार्टी नेशनल रैली की नेता मरीन ली पेन का राजनीतिक सफर संघर्ष, विवाद और वापसी की कोशिशों से भरा रहा है। तीन बार राष्ट्रपति चुनाव हारने के बावजूद उन्होंने 2027 के चुनाव में उतरने का इरादा जताया है। हाल ही में अदालत के फैसले ने उनके राजनीतिक भविष्य को फिर चर्चा में ला दिया है। पेरिस की एक अदालत ने 2024 में यूरोपीय संघ के फंड के दुरुपयोग मामले में ली पेन को दोषी ठहराते हुए उनके चुनाव लड़ने पर पांच साल की रोक लगाई थी। इसके बाद उनकी पार्टी ने 30 वर्षीय जोर्डन बारडेला को संभावित चेहरे के तौर पर आगे बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी थी, लेकिन 7 जुलाई को अपील कोर्ट ने प्रतिबंध की अवधि कम कर दी, जिसके बाद ली पेन ने 2027 के राष्ट्रपति चुनाव के लिए अपनी उम्मीदवारी का ऐलान कर दिया। 57 वर्षीय ली पेन इससे पहले 2012, 2017 और 2022 के राष्ट्रपति चुनाव लड़ चुकी हैं। 2017 और 2022 में उन्हें इमैनुअल मैक्रों से हार मिली थी। हालांकि हर चुनाव में उनका वोट प्रतिशत बढ़ा है। ली पेन को राजनीति विरासत में मिली। उनके पिता जीन मैरी ली पेन ने नेशनल फ्रंट पार्टी बनाई थी, जिसकी पहचान प्रवासियों के विरोध और कट्टर दक्षिणपंथी विचारों से जुड़ी रही। मरीन ने पार्टी की छवि बदलने के लिए इसका नाम नेशनल रैली रखा था। वे अब भी इमिग्रेशन नियंत्रण, फ्रांसीसी नागरिकों को नौकरियों में प्राथमिकता और यूरोपीय संघ की नीतियों की आलोचक हैं। उन्होंने युवाओं के लिए टैक्स राहत, न्यूनतम वेतन बढ़ाने और ऊर्जा पर करों में कटौती जैसे वादे किए हैं। वे यूरोपीय संघ से दूरी, रूस के साथ बेहतर संबंध और फ्रांस की संप्रभुता बढ़ाने की समर्थक रही हैं। उनकी राजनीति को अक्सर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की अमेरिका फर्स्ट नीति से जोड़ा जाता है। कानून की पढ़ाई करने वाली ली पेन ने 1998 में राजनीति में प्रवेश किया था। आज वे फ्रांस में बढ़ते दक्षिणपंथी रुझान की सबसे प्रमुख चेहरों में शामिल हैं। हालांकि अदालत की निगरानी के बीच 2027 की राह उनके लिए आसान नहीं होगी।


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Tiwari Aka

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