







टोक्यो20 मिनट पहले
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जापान ने बुधवार को कई इलाकों में भालुओं को पकड़ने के लिए सेल्फ-डिफेंस फोर्सेज (SDF) को तैनात किया है। भालू विभाग के अधिकारियों के मुताबिक यहां के पहाड़ी इलाकों में भालुओं का आतंक बढ़ता जा रहा है।
अप्रैल से अब तक पूरे देश में 100 से अधिक भालू हमले हो चुके हैं, जिनमें 12 लोगों की मौत हुई है। सबसे ज्यादा मौतें अकिता प्रांत और पड़ोसी शहर इवाते में हुईं। अकिता में भालू दिखने की घटनाएं इस साल छह गुना बढ़कर 8,000 से अधिक हो गईं।
स्थिति बेकाबू होने पर प्रांत के गवर्नर ने सेना की मदद मांगी। बुधवार को SDF के सैनिक काजुनो शहर पहुंचे, जहां वे भालू पकड़ने के लिए स्टील जाल लगाने में स्थानीय अधिकारियों की मदद कर रहे हैं।
वहीं, भालुओं को मारने का काम ट्रेंड शिकारियों को सौंपा गया है। इनसे बचने के लिए अधिकारियों ने लोगों को घरो के बाहर घंटी रखने की सलाह दी है, ताकि तेज आवाज सुनकर भालू घर के पास न आए।
भालुओं से जुड़ी 4 तस्वीरें…

जापान में पिछले कुछ महीनों में भालुओं का आतंक बढ़ा है। इनके हमले सुपरमार्केट और स्कूलों तक पहुंच रहे हैं।

भालुओं को पकड़ते सेल्फ-डिफेंस फोर्सेज (SDF) के सैनिक।

भालू को पकड़ कर सुरक्षित जगह पर ले जाते सैनिक कर्मी।

यहां लोगों को जंगलों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
भालुओं के हमले के डर से कई स्कूल बंद किए गए
काजुनो शहर में रह रहे 30 हजार निवासियों को जंगल से दूर रहने, रात में घर से बाहर न निकलने, घंटी रखने और तेज साउंड की मदद से भालुओं को भगाने की सलाह दी जा रही है।
शहर के लोगों ने मीडिया को बताया कि, ‘पहले भालू शहरों की तरफ नहीं आते थे, लेकिन अब वे इंसानों की तरफ आते हैं। ये बेहद डरावने हो गए हैं। इनसे डर लगता है’
मेयर शिंजी सासामोतो ने बताया कि डर के कारण लोग बाहर जाना बंद कर चुके हैं और कई इवेंट भी टाले जा चुके हैं। सेना नवंबर के अंत तक काजुनो के अलावा ओडेट और किताअकिता शहरों में भी मदद करेगी।
भालुओं के हमले सुपरमार्केट, आसपास के रिजार्ट, बस स्टॉप और स्कूल परिसर तक पहुंच गए हैं। यहां कुछ स्कूलों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।

लोगो को घंटी रखने और तेज साउंड की मदद से भालुओं को भगाने की हिदायत दी गई है।
खाने की तलाश में शहरो का रुख कर रहें भालू
पर्यावरण मंत्रालय के अनुसार जलवायु परिवर्तन के कारण जंगल घटे है। बचे हुए जंगलों में भी भालुओं को भरपूर भोजन नहीं मिल पाता, जिसके कारण वो खाने की तलाश में शहरों का रुख करते हैं। अक्टूबर-नवंबर में भालू हाइबरनेशन से पहले सबसे ज्यादा हमले करते हैं।
जापान में भालुओं की दो प्रजातियां पाई जाती है। इनमें एशियन ब्लैक बियर और होक्काइडो भालू शामिल है। ब्लैक बियर 130 किलो तक और होक्काइडो के भूरे भालू 400 किलो तक वजनी होते हैं।
देश में भालुओं को मारने के लिए नियम ढीले कर दिए गए। डिप्टी चीफ कैबिनेट सेक्रेटरी केई सातो ने कहा, ‘भालू अब रोज़ आबादी वाले इलाकों में घुस रहे हैं और हमले बढ़ रहे हैं। हमें तुरंत कदम उठाने होंगे।’

एशियन ब्लैक बियर। ये भालू अकसर खाने की तलाश में शहरों की ओर आते हैं।
हिरणों को कंट्रोल करने के लिए सैनिकों की तैनाती हुई थी
यह पहली बार नहीं है जब जापान ने जंगली जानवरों को कंट्रोल करने के लिए सैनिकों की तैनाती की है। पहले भी हिरण और सील पर काबू पाने में सेना की मदद ली गई थी।
लगभग एक दशक पहले, सेना ने जंगली हिरणों के शिकार के लिए हवाई निगरानी की थी और 1960 के दशक में मछली पालन के लिए सी-लायन को मारा गया था।
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